IVF में STD स्क्रीनिंग ( Screening ) कब की जाती है?
IVF (In Vitro Fertilization) प्रक्रिया की सफलता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दंपति का स्वास्थ्य पूरी तरह से जांचना आवश्यक है। इस प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है STD (Sexually Transmitted Disease) स्क्रीनिंग ( Screening ), जो यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी यौन संचारित रोग (HIV, Hepatitis B, Hepatitis C, Syphilis आदि) IVF प्रक्रिया या गर्भावस्था को प्रभावित न करे।
अगर किसी संक्रमण का पता चलता है, तो उसे समय रहते उपचारित किया जा सकता है, जिससे IVF की सफलता दर बढ़ती है और भ्रूण सुरक्षित रहता है। एक अनुभवी दिल्ली के IVF क्लिनिक ( IVF Clinic in Delhi ) में यह स्क्रीनिंग ( Screening ) डॉक्टर द्वारा सही समय पर और सुरक्षित तरीके से की जाती है। STD स्क्रीनिंग ( Screening ) IVF सफर की सुरक्षा, सफलता और स्वस्थ गर्भधारण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
1. IVF साइकिल शुरू करने से पहले
- STD Screening प्रायः IVF शुरू करने से पहले प्रारंभिक प्रजनन मूल्यांकन (Initial Fertility Evaluation) के दौरान की जाती है।
इसका उद्देश्य:
- यह पता लगाना कि किसी भी पार्टनर में कोई संक्रमण तो नहीं है।
- यदि संक्रमण पाया जाता है, तो उसे समय पर इलाज किया जा सके।
- संक्रमण के कारण IVF प्रक्रिया में कठिनाइयाँ से बचाव।
महत्वपूर्ण पहलू:
- इस चरण में संक्रमण का पता चलने पर दिल्ली के अच्छे IVF क्लिनिक ( Best IVF Clinic in Delhi ) द्वारा IVF साइकिल को अस्थायी रूप से रोका जा सकता है।
- सही इलाज और स्वस्थ शरीर के बाद ही IVF प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है।
2. प्री-IVF टेस्टिंग चरण में
- प्री-IVF जांच IVF प्रक्रिया की तैयारी का हिस्सा होती है, जिसमें कई टेस्ट किए जाते हैं। STD स्क्रीनिंग ( Screening ) भी इसी चरण में शामिल होती है।
आम प्री-IVF जांच में शामिल हैं:
- ब्लड टेस्ट: Hormonal Profile, AMH (Anti-Müllerian Hormone) टेस्ट, जो अंडाणु की गुणवत्ता और ओवेरियन रिजर्व का मूल्यांकन करते हैं।
- इमेजिंग टेस्ट: HSG (Hysterosalpingography) या अल्ट्रासाउंड से गर्भाशय और फॉलोपियन ट्यूब की स्थिति जांची जाती है।
- STD स्क्रीनिंग ( Screening ): HIV, Hepatitis, Syphilis, Chlamydia और Gonorrhea जैसी संक्रमणों की दिल्ली के सबसे अच्छे IVF क्लिनिक ( Top IVF Clinic in Delhi ) द्वारा पहचान करी जाती है।
समय:
ये सभी परीक्षण आम तौर पर IVF साइकिल शुरू होने से 2–4 हफ्ते पहले किए जाते हैं। यह समय संक्रमण का इलाज करने और IVF के लिए शरीर को पूरी तरह तैयार करने के लिए पर्याप्त होता है।
3. STD स्क्रीनिंग ( Screening ) का महत्व
a. संक्रमण को बच्चे और पार्टनर तक पहुँचने से रोकना
- STD स्क्रीनिंग ( Screening ) यह सुनिश्चित करती है कि कोई संक्रमण भ्रूण या साथी तक न फैले।
- HIV, Hepatitis और Syphilis जैसे संक्रमण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा कर सकते हैं।
b. गर्भाशय और प्रजनन तंत्र को सुरक्षित रखना
- दिल्ली के IVF क्लिनिक ( IVF Clinic in Delhi ) का कहना है की अगर गर्भाशय या फॉलोपियन ट्यूब में संक्रमण है, तो यह इम्प्लांटेशन ( implantation ) यानी भ्रूण के चिपकने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
- स्क्रीनिंग ( Screening ) से यह सुनिश्चित होता है कि गर्भाशय भ्रूण के विकास के लिए पूरी तरह स्वस्थ है।
c. IVF लैब में सुरक्षित हैंडलिंग
- IVF लैब में अंडाणु और शुक्राणु का सुरक्षित और संक्रमण मुक्त हैंडलिंग जरूरी है।
- स्क्रीनिंग ( Screening ) के बाद ही लैब में सैंपल का उपयोग किया जाता है, जिससे लैब स्टाफ और उपकरण सुरक्षित रहते हैं।
d. सफल गर्भधारण की संभावना बढ़ाना
- संक्रमण रहित शरीर में अंडाणु और भ्रूण का विकास बेहतर होता है।
- स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण IVF प्रक्रिया की सफलता दर को बढ़ाता है।
निष्कर्ष
इस प्रकार, IVF प्रक्रिया में STD स्क्रीनिंग ( Screening ) समय पर करवाना न सिर्फ माता-पिता और भ्रूण की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि यह IVF की सफलता दर और सुरक्षित गर्भधारण की संभावना को भी बढ़ाता है। यह एक छोटी लेकिन बेहद महत्वपूर्ण जांच है, जो IVF सफर की सफलता और सुरक्षा दोनों के लिए अनिवार्य है।और अगर आप दिल्ली में IVF की लागत ( IVF Cost in Delhi ) के बारें में अच्छे से जानेंगे तो आप अपना सफर बेहतरीन बनाने के साथ साथ सुरक्षित भी बना सकते है
FAQ’s
1. IVF से पहले STD स्क्रीनिंग ( Screening ) क्यों जरूरी है?
STD Screening यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी यौन संचारित रोग (HIV, Hepatitis B, Hepatitis C, Syphilis आदि) IVF प्रक्रिया या गर्भावस्था को प्रभावित न करे। समय पर पहचान और उपचार IVF की सफलता और बच्चे की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
2. STD स्क्रीनिंग ( Screening ) IVF प्रक्रिया के किस चरण में की जाती है?
यह जांच IVF साइकिल शुरू करने से पहले, यानी प्री-IVF टेस्टिंग (Pre-IVF Evaluation) के दौरान की जाती है। दिल्ली के सबसे अच्छे IVF क्लिनिक ( Top IVF Clinic in Delhi ) द्वारा आमतौर पर इसे IVF साइकिल शुरू होने से 2–4 हफ्ते पहले कर लिया जाता है।
3. क्या केवल महिला को ही STD स्क्रीनिंग ( Screening ) करानी होती है?
नहीं। दोनों पार्टनर की STD स्क्रीनिंग ( Screening ) आवश्यक है। यह सुनिश्चित करता है कि neither partner carries any infection जो IVF प्रक्रिया, भ्रूण या गर्भधारण को प्रभावित कर सके।
4. अगर STD पॉजिटिव पाया जाए तो क्या होगा?
यदि किसी पार्टनर में STD पाया जाता है, तो उसे इलाज करवाने के बाद ही IVF शुरू किया जाता है। यह IVF प्रक्रिया को सुरक्षित और संक्रमण मुक्त बनाने के लिए जरूरी है।
5. क्या STD स्क्रीनिंग ( Screening ) IVF की कुल लागत में शामिल होती है?अधिकतर IVF केंद्रों में STD स्क्रीनिंग ( Screening ) प्री-IVF टेस्टिंग पैकेज का हिस्सा होती है। कुछ केंद्रों में यह अलग से चार्ज की जा सकती है। अपने दिल्ली के IVF क्लिनिक ( IVF clinic in Delhi ) से इस बारे में जानकारी लेना जरूरी है ताकि आप अपने IVF की लागत का सही अनुमान लगा सकें।

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